
“ग्रीन लोटस” पालक की सबसे उन्नत और उपयुक्त किस्म हैं:
विशेषता: भारतीय किसानों और घरेलू बागवानों के बीच यह वैरायटी काफी लोकप्रिय है। इसके पौधे पूरी तरह से हरे रंग के होते हैं।
ग्रीन लोटस पालक की बहु-कट किस्म है, जिसमें बड़े निचले पत्ते और छोटे ऊपरी पत्ते होते हैं, और यह मध्यम तापमान परिवर्तनों के तहत फलन करने में सक्षम है।
कटाई: बुवाई के करीब 30 दिनों बाद यह पहली कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी 6 से 7 बार तक कटाई की जा सकती है।
गहराई: बीजों को मिट्टी में 1.5 से 2 सेंटीमीटर (लगभग आधा इंच) गहरा बोना चाहिए।
दूरी: बीजों को कतारों में 2 इंच की दूरी पर या पास-पास बोएं।
मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ और नम मिट्टी (Loamy soil) इसके लिए उत्तम है।
बीज दर: 4-5 किलो प्रति एकड़
बीज और डंठल: सर्दियों के मौसम में इसमें बीज और डंठल लगभग ढाई महीने बाद आते हैं, जिससे लंबे समय तक हरी पत्तियां मिलती हैं।
